Thursday, January 30, 2014

" DARBHANGA " : Result For +2 Higer Secondery Teacher Merit List 2013 / Result For +2 Higer Secondery Teacher Appointment Merit List 2013 / School wise Vacancy List


" DARBHANGA " : Result For +2 Higer Secondery Teacher Merit List 2013 / Result For +2 Higer Secondery Teacher Appointment Merit List 2013 / School wise Vacancy List


Link : http://darbhanga.bih.nic.in/result.htm




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  1. वरुण गाँधी जीवन परिचय
    January 31, 2014 at 9:28am
    पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के पोते एवं संजय-
    मेनका गांधी के बेटे वरुण गांधी वर्तमान में लोकसभा के सदस्य
    तथा भाजपा के जनरल सेक्रेटरी हैं। वरुण गांधी भाजपा के
    इतिहास में सबसे कम उम्र के जनरल सेक्रेटरी हैं।
    वरुण गांधी का जन्म 13 मार्च 1980 को दिल्ली में हुआ था। जब
    वे केवल 3 महीने के थे, तभी उनके पिता संजय गांधी की मृत्यु
    हो गई और 4 वर्ष के होते-होते
    उनकी दादी इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई।
    उन्होंने अपनी शिक्षा मॉडर्न स्कूल, नई दिल्ली से प्रारंभ की।
    चौथी कक्षा के बाद उनकी पढ़ाई ऋषि वैली स्कूल, आंध्रप्रदेश में
    हुई। इसके बाद यूके सेकंडरी परीक्षा बोर्ड जीसीएसई और ए स्तर
    की परीक्षा के लिए दि ब्रिटिश स्कूल, नई दिल्ली चले गए।
    उन्होंने अपनी बीएसई इकोनॉमिक्स लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स
    और पॉलिटिकल साइंस द्वारा चलाए जा रहे विश्वविद्यालय
    ऑफ लंदन एक्सटर्नल सिस्टम से पूरी की। अब तक वे ओरिएंटल और
    अफ्रीकन स्टडीज लंदन से आठ वैकल्पिक विषय को पूरे कर चुके हैं।
    19 वर्ष की आयु में वरुण गांधी पहली बार अपनी मां के संसदीय
    क्षेत्र पीलीभीत में चुनाव के दौरान दिखे। वे लगातार
    मां मेनका के साथ चुनावी सभा व प्रचार में भाग लेते रहे और
    लोगों से अपनी जान-पहचान बढ़ाने लगे।
    कई तरह के सांस्कृतिक व साहित्यिक पुस्तकें पढ़ने वाले वरुण
    गांधी ने 20 वर्ष की आयु में ही अपनी पुस्तक 'द ऑथनेस ऑफ
    सेल्फ' लिखी, जिसका लोकार्पण देश के कई प्रमुख नेताओं ने
    किया। वे कविताओं के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और
    बाहरी संबंधों पर भी लेख लिखते रहे।
    वे अपनी पहचान खुद बनाना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे कि लोग
    उन्हें विरासत में दी हुई परिवारिक राजनीतिक दल
    का नेता कहें। उन्होंने कभी नहीं सोचा कि गांधी परिवार से
    होने के कारण कांग्रेस या सोनिया गांधी के कारण
    उनकी पहचान हो।
    2004 के चुनाव में वरुण को बीजेपी द्वारा एक मुख्य प्रचारक के
    तौर पर उतारा गया था, लेकिन उन्होंने अपने परिवार के चचेरे
    भाई-बहन राहुल गांधी और
    प्रियंका गांधी तथा चाची सोनिया गांधी के खिलाफ कुछ
    कहने से इनकार कर दिया। नवंबर 2004 में उन्हें
    भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल
    किया गया।
    मेनका गांधी ने 2009 के चुनाव में अपने सीट अपने बेटे वरुण के लिए
    छोड़ दी, जबकि वे पडोसी क्षेत्र ओंला से खड़ी हईं।
    15वीं लोकसभा में भाजपा ने वरुण गांधी को 2009 के आम
    चुनाव में पीलीभीत लोकसभा सीट से उतारा। वरुण
    गांधी भारत की जीतकर चुने गए।
    अगस्त 2011 में हुए जन लोकपाल विधेयक के पक्ष में वे दृढ़ता से
    खड़े रहे। इतना ही नहीं अनशन के लिए सरकार
    द्वारा अन्ना हजारे को अनुमति न देने पर वरुण ने उन्हें अपने
    सरकारी बंगले से अनशन करने की पेशकश की।
    जब हजारे को जेल में बंद किया गया था, तब वरुण ने संसद में
    जनलोकपाल विधेयक की पेशकश की थी। भ्रष्टाचार
    विरोधी अन्ना हजारे के इस आंदोलन का समर्थन करने वे खुले तौर
    पर एक आम आदमी के रूप में रामलीला मैदान पहुंचे थे।
    मार्च 2013 में राजनाथ सिंह ने वरुण
    गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया और
    वे पार्टी के सबसे कम उम्र के महासचिव बने। मई 2013 में उन्हें
    पश्चिम बंगाल में भाजपा के मामलों के लिए
    प्रभारी बनाया गया।
    अगस्त 2013 में एक अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक वरुण
    गांधी देश के पहले ऐसे सांसद हैं, जिन्होंने संसद सदस्य स्थानीय
    क्षेत्र विकास निधि (एमपीएलएडी) के लिए निर्धारित समय से
    पहले ही शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी गतिविधियों के
    विकास कार्यों में शत-प्रतिशत राशि खर्च की।

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