Wednesday, January 22, 2014

Samastipur :47 Madhyamik Abhyarthiyon Ka Hua Niyojan




1 comment:

  1. अपना मुल्क महान … खुदा खैर करे !
    कितने और इम्तिहान … खुदा खैर करे !!

    सल्तनत बहरों की, हुक्मरान है गूंगा
    नाबीना है निगहेबान… खुदा खैर करे !

    लिबास तो हैं उजले, पर स्याह फितरत
    अब भी ले पहचान … खुदा खैर करे !

    बाँट रहे बेरोजगारी, पहना कर लंगोटी
    ये गांधी की संतान … खुदा खैर करे !

    शक की चिंगारी, नफरतों के शोले
    मुल्क बना मसान … खुदा खैर करे !

    धूप अपनेपन की, आती नहीं घरों में
    ये शहर के मकान … खुदा खैर करे !

    दौड़ती रही सड़क पे, दरिंदगी की बस
    फटा नहीं आसमान … खुदा खैर करे !

    रोता उजालों में, अंधेरों में बिलखता
    नारी का सम्मान … खुदा खैर करे !

    आदमी में इंसानियत, खो गई है कहीं
    भगवान भी परेशान … खुदा खैर करे

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